शुक्रवार, 24 नवंबर 2017

क्या वजहें बनतीं हैं केल्सियम की कमीबेशी की ? कैल्शियम की कमीबेशी के लक्षण ?

केल्सिअम का काम केवल हड्डियों (अस्थियों )और हमारी मुक्तावली  (दन्तावली )हमारे दांतों को ही मजबूती प्रदान करना नहीं है यह हमारी कोशिकाओं (कोशाओं या सेल्स ,सेलों का )एक सजग संचार तंत्र ,टेलीफोन एक्सचेंज है। हमारे स्रावी तंत्र को चौकस रखता है ,खून का थक्का  बनने , पेशीय -संचालन , जरूरी संकोचन या सिकड़ाव ,मसल -कॉन्ट्रेक्शन ,हारमोन -स्राव सबके  नियंता भी हैं  कैल्शियम के खनिज ,गरज़ ये के , केल्सियम  के आयन बहुविध हमारे शरीरक्रियाविज्ञान को चलाये रहते हैं। 

केवल अस्थि -क्षय(ऑस्टियोपोरोसिस ) ,अस्थि द्रव्यमान का क्षय ही इसकी कमीबेशी का कारण नहीं बनता है ,इसकी कमीबेशी और भी रोगों को हवा देती है। अनेक रोग केल्सियम की कमीबेशी के लक्षण रूप ही प्रकट होते हैं जिनकी चर्चा अब हम आम  करते हैं : 

क्या वजहें बनतीं हैं केल्सियम की कमीबेशी की ?

इसकी एक अहम वजह तो हमारे कथित आधुनिक खानपान से ही जुड़ी  है ,अधिकाँश लोग -क्या अमीर ,क्या गरीब क्या विकसित और क्या पिछड़े देशों के , खुराकी कैल्शियम और कैल्शियम पूरकों को मिलाकर भी कैल्शियम की रोज़मर्रा की आपूर्ति माहिरों की सिफारिशों के अनुरूप नहीं कर पाते हैं।

खून में केल्सियम के निचले स्तर की वजह ,खुराक से केल्सियम की जज़्बी न हो पाने की अन्यान्य वजहें बनती हैं कुछेक का उल्लेख करते चलें -

(१ )विटामिन -D की कमी 

(२ )मैग्नीशियम की कमी 

(३ )खुराक में टेबिल साल्ट खाने के नमक का ज़रुरत से ज्यादा रहना (अचार ,पापड़ ,चिप्स ,चाट पकौड़ी सब नमक लिए रहते हैं )

(४)खाद्य संयोजियों ,कोला पेयों के अधिक चलन से फॉस्फोरस जरूरत से ज्यादा हमारे शरीर में प्रवेश ले रहा है ,कैल्शियम की जज़्बी में  यह एक बड़ी बाधा बनता है। 
(५)कुछ मेडिकल कंडिशन्स यथा लम्बे समय तक गुर्दों की समस्या का बने रहना यानी chronic kidney disease 

(6) नैक (neck ) /थायरॉइड सर्जरी /किसी ऑटो -इम्यून डिज़ीज़ की वजह से पैराथाइरॉइड का ठीक से काम न कर पाना ,एब्नॉर्मल पैराथायरॉइड फंक्शन 

खाने की परम्परागत थाली -दूध ,दही ,पनीर ,सलाद ,संतरा अंजीर ,बादाम ,चीनी बंद गोभी (Bok Choy ),पुष्टिकृत सोइ - मिल्क (सोयाबीन की फलियों से तैयार पुष्टिकृत दूध ),के अलावा साडीन (सार्डीन -बहुत रूपहली खाद्य मछली )भी खासा केल्सियम लिए रहती है। सामिष भोजन करने वाले ले सकते हैं। 

विस्तार के लिए देखें उल्लेखित सेतु :

10 calcium-rich foods for your bones


https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/health-fitness/diet/6-calcium-rich-foods-for-your-bones/articleshow/ 

कैल्शियम की कमीबेशी के लक्षण ?

केल्सियम कमी के लक्षण अप्रकट (नदारद )भी रह सकते हैं हल्के और उग्र रूप भी -

(१)केल्सियम की कमी का लम्बे समय तक बने रहना ,इसकी तरफ ध्यान न दिया जाना सूखा रोग (रिकेट्स,रिकिट्स ,rickets ),ऑस्टियोपोरोसिस (अस्थि  -क्षय ,जिसमें अस्थि  द्रव्यराशि ,बॉन- मॉस का क्षय होने लगता है ),ओस्टेओपेनिअ ,osteopenia (अस्थि  -क्षय रोग से पूर्व की स्थिति ही है यह जिसमें बॉन मॉस डेंसिटी कम होती जाती है ) 

आइये अब ,केल्सियम के निम्न स्तर तथा केल्सियम कमी से पैदा कुछ लक्षणों का ज़ायज़ा ले लेते हैं :

(१ )बे -होश होना 

(२ )दिल का पूरी क्षमता से काम न कर पाना -हार्ट फेलियोर 

(३ )छाती (सीने का दर्द ,chest pain )

(4 )उँगलियों -अगूंठों ,मुख के गिर्द सुन्नी ,जड़ता ,संज्ञा -शून्यता ,सुन्नता ,नंबनेस ,इन अंगों में झुनझुनी चढ़ना -लगना जैसे कीलें सी चुभ रहीं हैं ,झरबेरी सी चुभन का महसूस होना यानी टिंगलिंग होना। 

(५ )मांस पेशी में दर्द भरी ऐंठन ,हिला न पाएं ऐसा लगना ,(Muscle Cramps )का होना ,

मांस -पेशी की यकायक ऐसी हरकत का होना जिसे आप  नियंत्रित  न कर पाएं ,काबू न पा सकें जिस पर ,इसे आप ऐंठन या मरोड़ या फिर पेशी -अकुंचन भी कह सकते हैं मसल स्पाज्म (स्पैज़्म ),Muscle Spasm भी। 

(६ ) घर्र -घर्र करते हुए ही सांस ले पाना व्हीज़िंग (wheezing ) -सांस (दमा asthma )के मरीज़ इसे बेहतर समझ सकते हैं।छाती में  शिकायत  से ग्रस्त लोग भी।

(७ )सटकने ,निगलने में दिक्कत 

(८ )कंठ,स्वरपेटी ,गले का ऊपरी भाग जिसमें मासपेशियां स्थित होती हैं - की ऐंठन(spasm of the larynx) से पैदा स्वर में बदलाव ,आवाज़ जो आपके सिग्नेचर होते हैं का बदलाव। 

(९)चिड़चिड़ापन ,अवसाद ,ज्ञान -बोध में कमी ,व्यक्तित्व में बदलाव के संकेत 

(१० )थकान 

(११ )किसी बिमारी जैसा तेज़ झटका लगना खासकर दिमाग पर इसका असर (Seizures )

(१२)केशों का (बालों का  )खुरदरा पन,रूखापन 

(१३ )नाखूनों का भुरभुरा होना (brittle nails )

(१४ )चमड़ी या त्वचा रोग  सोरायसिस (Psoriasis )जो अति कष्टकारी होता है जिसमें चमड़ी पर red scaly patches उभर आते हैं। कवच या शल्क से ढके रहते हैं ये चर्म उभार।जिनमें जलन और खारिश  होने लगती है। 


Psoriasis is a common skin condition that speeds up the life cycle of skin cells. It causes cells to build up rapidly on the surface of the skin. The extra skin cells form scales and red patches that are itchy and sometimes painful. 

There is no cure for psoriasis, but you can manage symptoms. Lifestyle measures, such as moisturizing, quitting smoking and managing stress, may help.

(१५ )चमड़ी का  रुक्ष -पन (dryness of skin )

(१६ )दंत क्षय (tooth decay )

(१७ )खुजली (खारिश )का दीर्घ काल तक रहना (chronic itching )

(१८ )पेशीय कमज़ोरी 

(१९ )सफ़ेद मोतिया (cataract )

(२०)अस्थि क्षय के लक्षणों का प्राकट्य -मुखर होना उग्र होना ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों का -कमर दर्द ,रीढ़ ,कलाई ,नितम्ब (hip )की अस्थियों का आसानी से टूटना भंगुर हो जाना ,  सिर और कन्धों का आगे की  ओर  मुड़ना और मुड़कर झुकना कुलमिलाकर हाइट का ह्रास होना। 

सन्दर्भ -सामिग्री :

(1)http://whatcounts.com/dm?id=6A7A313FC4A3E19057093761E614E3F0F30B90B65866C411

(2)https://universityhealthnews.com/daily/nutrition/21-calcium-deficiency-symptoms-that-will-surprise-you/?mqsc=E3919643&utm_

(3)https://universityhealthnews.com/daily/nutrition/



21-calcium-deficiency-symptoms-that-will-surprise-you/?mqsc=E3919643&utm_source=WhatCou

(4)https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/psoriasis/symptoms-causes/syc-20355840

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